अनूपशहर। ।भारत पुष्प। शनिवार को डीपीबीएस महाविद्यालय में प्रोफेसर जीके सिंह के निर्देशन में शहीदे ए आजम भगत सिंह की जयंती कॉमर्स विभाग एवम रोवर रेंजर इकाई द्वारा मनाई गई। इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के  प्रोफेसर पीके त्यागी ने कहा कि भगत सिंह एक क्रांतिकारी थे। जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपनी जान की परवाह किया बिना अंग्रेजों से जमकर टक्कर ली. आज का दिन भगत सिंह की जंयती के रुप में मनाया जाता है। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 में हुआ था। महज 23 साल की उम्र में उन्होंने अपने देश को स्वत्रंता दिलाने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे । डॉ तरुण श्रीवास्तव ने कहा कि भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महान नायक थे, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनके परम बलिदान से क्रांति की एक ऐसी अलख जगी जिससे ब्रिटिश साम्राज्य की नीव हिल गई थी। सही मायनों में उनका साहस और बलिदान हमें आज भी मातृभूमि की सेवा और माँ भारती के चरणों में समर्पित होने के लिए प्रेरित करता है।  डॉ शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने कई युवाओं और नेताओं के लिए देश की आजादी में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और सभी के लिए एक आदर्श बन गए। डॉ सचिन अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में कई भारतीय वीर सपूत शामिल हुए। कुछ ने बापू के बताए मार्ग को अपनाते हुए अहिंसा के पथ पर आजादी की राह चुनी तो कुछ अंग्रेजों से आंख पर आंख मिलाकर उनके खिलाफ खड़े हो गए। इस अवसर पर डॉ भुबनेश कुमार, डॉ तरुण श्रीवास्तव, डॉ राजीव गोयल, डॉ विशाल शर्मा, सत्यप्रकाश, सोनू, जितेंद्र, सुनील, धीरेंद्र, आदि उपस्थित रहे।

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