खुर्जा। ।भारत पुष्प। एकेपी डिग्री कॉलेज के हिंदी शोध परिषद् के तत्वावधान में पीएचडी मौखिकी परीक्षा आयोजित हुई जिसमें शोधार्थी गीता सिंह द्वारा मैत्रेई पुष्पा के कथा साहित्य का सामाजिक अध्ययन विषय पर शोधाकार्य पूर्ण किया । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गुरु कुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की प्रो सुचित्रा मलिक, प्राचार्या प्रो डिंपल विज, शोध निर्देशिका डॉ शशीप्रभा त्यागी व शोध परिषद की प्रभारी डॉ रेखा चौधरी द्वारा माँ सरस्वती के आमुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया । शोधार्थी गीता ने अपना शोधसार प्रस्तुत करते हुए बताया कि मैत्रेई पुष्पा ने अपनी कथा साहित्य में लोक जीवन के विविध आयामों का बखूबी चित्रण किया है। उनके साहित्य में बुंदेलखंड और ब्रज प्रदेश की मिट्टी की सोंधी-सुंधी खुशबू आती है। उसके पश्चात विषय विशेषज्ञ प्रो सुचित्रा जी ने कहा कि मैत्रेई पुष्पा जी के संपूर्ण साहित्य में लोक जीवन ,लोक संस्कृति, ग्रामीण बोलियां, रीति रिवाज, लोकमान्यताएं, नारी संघर्ष, राजनीति और पर्व साकार होते नजर आते हैं । महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपलविज ने कहा कि मैत्रेई पुष्पा जी नारी जीवन की पक्षधर रही है । नारी जीवन के विविध पक्षों को लोक संस्कृति के साथ जोड़कर लिखा है। साहित्य जीवन का दर्शन होता है ।महाविद्यालय की हिंदी एवं शोध परिषद विभाग निरन्तर शोध के क्षेत्र में अग्रसर है I इस अवसर पर समस्त शोधार्थी व महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
![]()
