गुलावठी (भारत पुष्प/पवन शर्मा)। गुलावठी क्षेत्र के गांव मुहाना में बूडे़ बाबा की दौज पर बहुत पुराना मेला लगाया जाता रहा है आज भी लगाया जाता है। ग्रामीणों व सूत्रों का दावा है की इस गांव के मेले की मान्यता बहुत ही अधिक है जिस जनमानस व बच्चो को फुंसी-फोंडे, फलक दाद-खाज जैसी बिमारी हो जाती उसका उपाय इस बूडे़ बाबा की दौज के मेले में आकर तालाब में से मिट्टी निकालकर गुड़-दाल-चावल-आटा दान कर बच्चों के मुँह धोकर, व स्नान करके बाबा के दरबार में माथा टेककर ठीक होने की कामना करते हैं तो बाबा उनको मनोकामना पूरी करते हैं इसलिए इस बाबा की दौज के मेले में हजारों श्रद्वालुओं आते हैं। शुक्रवार को गांव मुहाना में बूडे़ बाबा का मेला लगाया गया इस मेले में हजारों श्रद्वालुओं ने तालाब में आस्था की डुबकी लगाकर स्नान-ध्यान व पूजा-अर्चना कर बाबा के दरबार में माथा टेककर सही-सलामत होने की कामना की। ओर उसके बाद श्रद्वालुओं ने स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया ओर खेल खिलोनों की खरीददारी की। मेले की आस्था के बारे में जब जिले के संवाददाता ने श्रद्वालुओं से जानकारी जुटाई तो श्रद्वालु बोले की इस मेले की आस्था अपरंपार है जो भी दुखी यहाँ बूडे़ बाबा के दरबार में माथा टेककर दुआ मांगता है उसकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है ओर बताया की यह मेला बहुत प्राचीन समय से लगता आ रहा है इसलिए आस्था ही परमात्मा का रास्ता है। मेले को सफल बनाने में गुलावठी कोतवाल इंचार्ज व क्राईम इंसपैकटर जितेंद्र सकसैना वह सरजेश कुमार मय फोर्स के मौजूद रहे।
![]()
