खुर्जा। ।भारत पुष्प। मंगलवार को शीतला सप्तमी के पावन अवसर पर शीतला माता मंदिर, माता घाट, किला मेवई व नगर के चामड मंदिर में शीतला माता की पूजा एवं बासौड़ा का पर्व अत्यंत धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया गया। यह आयोजन परंपरागत रूप से एक वार्षिक मेले का रूप ले चुका है। आस्था का आलम यह था कि भोर की पहली किरण के साथ ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ शीतला माता की पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात अनेक श्रद्धालुओं ने मोर छल एवं मुर्गा उतरवाकर अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की मनौती मांगी। डी.सी. गुप्ता ने बताया कि होली के बाद आने वाली शीतला सप्तमी का विशेष धार्मिक महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन शीतला माता के दर्शन मात्र से कष्ट दूर हो जाते हैं। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। लोक आस्था के अनुसार माता रानी की पूजा-अर्चना करने से बच्चों को चेचक (माता रोग) से भी मुक्ति मिलती है। वहीं आस्था के साथ-साथ मेले में उत्सव का माहौल भी देखने को मिला। मंदिर के बाहर लगे चाट-पकौड़े, खिलौनों, झूलों तथा प्रसाद के ठेलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।

Loading

Spread the love

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *