बुलंदशहर। ।भारत पुष्प। शनिवार को भूजल सप्ताह-2026 के तृतीय दिन में नोडल अधिकारी, भूगर्भ जल विभाग के नेतृत्व में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, बदनौरा, बुलन्दशहर में भूजल गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के शिक्षकगण तथा विद्यार्थिगण के समक्ष भूजल सप्ताह-2026 के मुख्य विचार बिन्दु ‘जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प’ विषय पर उपस्थित छात्र-समूह से जल संरक्षण के सरल उपायों को अपनाकर जल संचयन का आह्वान किया गया। श्री शर्मा द्वारा उपस्थित छात्र समूह एवं अध्यापकगण को संबोधित करते हुये बताया गया कि परम्परागत जल स्रोत्रों के जीर्णोद्धार द्वारा भूजल के संरक्षण एवं संचयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। श्री शर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद बुलन्दशहर के 16 विकास खण्डों में से 10 विकास खण्ड अधिसूचित श्रेणी में वर्गीकृत किये गये है, जिनमें भूजल संसाधन की उपलब्धता के सापेक्ष भूजल निष्कर्षण अधिक है। जनपद बुलन्दशहर में केवल एक विकास खण्ड अगौता ही सुरक्षित श्रेणी में आच्छादित है। वर्षा जल सर्वोत्तम जल है, जिसका संरक्षण एवं संचयन समस्त मानवता के लिए वरदान है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को स्थापित करके वर्षा जल का संरक्षण किया जा सकता है जबकि संचयन की व्यवस्था के द्वारा वर्षा जल का संग्रहण करके भविष्य में आवश्यकतानुसार उपयोग में लाया जा सकता है। इस अवसर पर संस्था प्रमुख भारती तौमर प्रधानाचार्य द्वारा भूजल संरक्षण एवं संचयन किये जाने के क्रम में अपने नवोन्मेषी तथा व्यावहारिक विचार संप्रेषित करते हुये बताया कि वर्तमान में मनुष्य की भौतिक सुख-सुविधाओं में तो अनपेक्षित वृद्धि हुई है जबकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति व्यक्ति के वैयक्तिक उत्तरदायित्व का क्रमिक ह्रास हुआ है। श्री शर्मा द्वारा भूजल रिचार्ज के परम्परागत स्रोत के रूप में तालाबों की भूमिका एवं उनके महत्व को रेखांकित करते हुये उपस्थित समूह से निरंतर घटते जल स्तर के दृष्टिगत भूजल संसाधनों के रखरखाव पर ध्यान केन्द्रित करने का सन्देश दिया। इस अवसर पर भूगर्भजल विभाग से राहुल देव शर्मा, डा० अरविन्द कुमार, शुभम कुमार, विमलेश रानी, संदीप शर्मा, प्रियंका शर्मा, गंगा प्रसाद, अनूज कुमार उपस्थित रहे।
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