सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। भारत देश में यूसीजी और एससी-एसटी के खिलाफ जगह-जगह विरोध प्रदर्शन व धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उसी क्रम में मंगलवार को सिकंद्राबाद देहात के गांव वैर बादशाहपुर में राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा ने एससी-एसटी के खिलाफ बैठक कर धरना-प्रदर्शन किया और तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम का एक ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा (पंजी०) के जिला अध्यक्ष जगवीर भाटी ने बताया की आज राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा के बैनर तले ग्राम वैर बादशाहपुर में विभिन्न क्षत्रिय संगठनों, समाजसेवियों और क्षेत्र के सैकड़ों संभ्रांत (गणमान्य) लोगों की गरिमामयी मौजूदगी में एक विशाल बैठक सकुशल संपन्न हुई। इस बैठक में समाज, युवाओं और किसानों से जुड़े अत्यंत संवेदनशील व नितिगत विषयों पर गहन मंथन किया गया। इसके उपरांत संगठन के पदाधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने देश के माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित एक सामूहिक मांग पत्र (ज्ञापन) मौके पर पहुंचे तहसीलदार को सौंपा।
इस कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल के साथ सी0ओ प्रखर पांडे साहब और ककोड़ कोतवाल स्वयं मौके पर मुस्तैद रहे। सैकड़ों की भीड़ को देखते हुए पूरा पुलिस प्रशासन व तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने व्यवस्थागत विसंगतियों पर कड़ा प्रहार किया। इस मौके पर ठाकुर धर्मेंद्र सिंह (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय महाशक्ति) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की वर्तमान नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने यूजीसी की इन जटिल नीतियों को ‘काला कानून’ बताते हुए कहा कि ये नीतियां शोधार्थियों और उच्च शिक्षा की रीढ़ को कमजोर कर रही हैं इसलिए शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए इसमें तुरंत बदलाव की जरूरत है और सहदेव उमराला ने कहा की समाज में बढ़ते फर्जी मुकदमों पर चिंता व्यक्त करते हुए एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट को ‘काला कानून’ करार देते हुए कहा कि इस विशेष कानून का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग निर्दोष नागरिकों को फंसाने और आपसी रंजिश निकालने के लिए हो रहा है। इसके तहत मिलने वाली सरकारी मुआवजा राशि एक वर्ग को फर्जी मुकदमे दर्ज करने के लिए प्रेरित कर रही है, जिससे सामाजिक समरसता बिगड़ रही है। इसमें निष्पक्ष जांच का प्रावधान जोड़ना बेहद जरूरी है और इसके अलावा ठाकुर जगवीर भाटी (जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा) ने आरक्षण के मुद्दे पर बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा कि “गरीबी किसी एक वर्ग में नहीं, बल्कि प्रत्येक जाति में है।” उन्होंने मांग की कि आरक्षण का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे हर जरूरतमंद को मिलना चाहिए, इसलिए आरक्षण का आधार जाति न होकर केवल ‘आर्थिक स्थिति’ (गरीबी) होना चाहिए। बैठक में समर्थन मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय महाशक्ति ठाकुर धर्मेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष ठाकुर जगवीर भाटी, सहदेव उमराला, राकेश भाटी (पूर्व प्रधान), सतवीर प्रधान , महेंद्र प्रधान, जयराज शास्त्री, कुंवर रॉबिन सिंह राणा, नरेंद्र प्रताप सिंह, वीरेश प्रताप सिंह, केपी सिंह, नेपाल सिंह, हेम सिंह, राजपाल सिंह, हरपाल सिंह, उदयपाल सिंह, रिंकू शर्मा, पंडित दिनेश शास्त्री, पंडित दिनेश (बीडीसी), डॉ राजवीर शर्मा, प्रिंस यादव, अरविन्द, अरुण भाटी, आदेश, ओमकल सिंह, कमल, कल्लू भाटी, कप्तान, किशन, कुंवर पाल सिंह, गौरव भाटी, छैतर सिंह, जग्गो सिंह, जसवंत पाल, जय सिंह, जितेन्द्र सिंह, जतन, तरुण, ध्रुव, नत्थू, नेपाल सिंह, पवन भाटी, पन्ना भाटी, पुष्प भाटी, प्रियंक, प्रशांत, बॉबी भाटी, भीम भाटी, मंजीत, मदन भाटी, मोनू भाटी, योगेश भाटी, योगेंद्र भाटी, यशु भाटी, राज कुमार, राम कुमार, रामभूल, राजीव भाटी, राहुल भाटी, विकास, विवेक सिंह, वीरपाल भाटी, वीरेंद्र सिंह, शुभम भाटी, संजय भाटी, सोपाल, सचिन, सुमित भाटी, सुबोध कुमार, सोनू, सोरभ भाटी, सोहन, सोमेश भाटी, सोकी, हर्ष, हेमंत, और हेमेंद्र सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रामराज सिंह, लक्ष्मण सैनी (पूर्व प्रधान) और मनवीर सिंह (पूर्व प्रधान) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
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