सिकंद्राबाद। ।भारत पुष्प/पवन शर्मा। जब कभी कोई नाबालिग हो या बालिक अगर घर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो जाती है और परिजन उसकी रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर चौकी या थाने कराने में जाता है तो वहां पर पुलिस कर्मी उस पीड़ीत परिवार को इधर उधर की बाते बताकर टरकाते रहते हैं और वह चक्कर पे चक्कर काटता रहता है और हार थक कर फिर आला अधिकारियों के दरबार में न्याय की गुहार लगाता है। जब जाकर उसकी अर्जी पर सुनवाई होती है और रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है। ऐसा ही एक मामला उ0प्र के जिला बुलंदशहर के तहसील सिकंद्राबाद देहात के रामलाल गढ़ी का सामने आया है इस गांव की एक नाबालिग लड़की 19 मई 26 को संदिग्ध परिस्थितियों में घर गायब हो गयी जिसकी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए परिजनों ने चौकी से लेकर थाने तक के 3 दिन से लगातार चक्कर पे चक्कर काटते रहे। रिपोर्ट दर्ज ना होने पर परिजनों ने जिला कप्तान दिनेश कुमार सिंह के दरबार की शरण ली। जब जाकर पीड़ीत की रिपोर्ट दर्ज हो सकी। लड़की के पिता ने बताया की 19 मई 26 को हमारी बेटी संदिग्ध परिस्थितियों में घर गायब हो गयी तो हमने कायस्थबाडा़ पुलिस चौकी के चक्कर लगाये ओर थाना सिकंद्राबाद के भी जब हमारी सुनवाई नहीं हुई तो हमने जिला कप्तान दिनेश कुमार सिंह के दरबार में रिपोर्ट दर्ज कराकर बरामदगी की गुहार लगाई तब जाकर हमारी रिपोर्ट दर्ज करायी जा रही है।
![]()
