15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मैं उन महान वीरों को नमन करता हूँ जिनके साहस, त्याग और बलिदान के कारण हम आज़ाद भारत में सांस ले रहे हैं। जब अंग्रेज़ों का शासन भारत पर था, तब लाखों देशभक्तों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। शहीद भगत सिंह मात्र 23 वर्ष की आयु में हँसते-हँसते फाँसी के फंदे पर झूल गए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ स्वतंत्र जीवन जी सकें। चंद्रशेखर आज़ाद ने अंग्रेज़ों के सामने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया और अंतिम सांस तक देश के लिए लड़ते रहे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा”का नारा देकर लाखों भारतीयों में स्वतंत्रता की ज्वाला प्रज्वलित की। वहीं रानी लक्ष्मीबाई ने अद्भुत वीरता का परिचय देते हुए अंग्रेज़ों से युद्ध किया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। इन महान वीरों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि देश सबसे ऊपर है। श्री मैंढ़ राजपूत स्वर्णकार समाज समिति रजि खुर्जा के अध्यक्ष हैप्पी वर्मा ने कहा आज हमारा कर्तव्य है कि हम उनके सपनों का भारत बनाएं, ईमानदारी से अपने दायित्व निभाएं और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दें।
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