बुलंदशहर। ।भारत पुष्प। उत्तर प्रदेश शासन के आदेशानुसार जनपद के विकास भवन सभागार में ‘अनुदेशक सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण’के शुभारंभ हेतु एक भव्य जनपद स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया ने मुख्य अतिथि के रूप में एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सिकन्दराबाद विधायक लक्ष्मीराज सिंह मौजूद रहे। समारोह का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा विद्या की देवी माँ सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोकभवन सभागार (लखनऊ) में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिक्षा मंत्री के संबोधन को उपस्थित सभी अनुदेशकों और जनप्रतिनिधियों ने सुना। शासन द्वारा अनुदेशकों के मानदेय को ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है। जनपद स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. अंतुल तेवतिया ने कहा कि जब से उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व मिला है, प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार एक विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए पूर्णतः संकल्पित है। शिक्षा ही देश की मजबूत नींव है और बच्चे ही हमारे देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। डॉ. अंतुल तेवतिया ने अनुदेशकों से कहा कि मानदेय में यह वृद्धि केवल एक आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह अनुदेशकों के अटूट समर्पण और कड़ी मेहनत का सच्चा सम्मान है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में व्यापक और सकारात्मक बदलाव किए गए हैं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सिकन्द्राबाद विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने समस्त अनुदेशकों से अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीति और नीयत बिल्कुल स्पष्ट है और सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने उपस्थित सभी अनुदेशकों, शिक्षकों और शिक्षामित्रों का आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा व लगन के साथ बच्चों के भविष्य की नींव को मजबूत करने का कार्य करें। कार्यक्रम के दौरान सभागार परिसर में अनुदेशकों द्वारा विशेष रूप से शैक्षिक ‘टीएलएम’ स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों में अत्यंत कम लागत से तैयार की गई विभिन्न नवाचारी शिक्षण सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया, जो बच्चों को कठिन विषयों को सरलता से समझाने में अत्यंत कारगर हैं। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि ने स्वयं प्रत्येक स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने अनुदेशकों के रचनात्मक नवाचारों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए विश्वास जताया कि ऐसे अभिनव प्रयासों से परिषदीय विद्यालयों के शिक्षा स्तर में अभूतपूर्व सुधार आ रहा है। समारोह के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा जनपद के समस्त 122 अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक चेक ससम्मान वितरित किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी एवं समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी सहित सैकड़ों शिक्षक व विभागीय अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
![]()
